Followers

Saturday, June 4, 2011

कब होता है


मेरा सोचा तुम सुन लो कब होता है ,
मेरा चाहा तुम चुन लो कब होता है ,
हम दो अलग-अलग राहों पर चलते हैं ,
हमराही बन साथ चलें कब होता है !

सपने तो मेरी आँखों ने देखे हैं ,
हाथों में मेरी किस्मत के लेखे हैं ,
सपने सारे कब किसके सच होते हैं ,
किस्मत मेरी तुम लिख दो कब होता है !

कितनी साध फुँकी दिल में तुम क्या जानो ,
कितना दग्ध हुआ अंतर तुम क्या जानो ,
चिर तृष्णा से शुष्क चटकते अधरों पर ,
स्वाति बूँद बन तुम बरसो कब होता है !

निर्जल गागर सा रीता जीवन मेरा ,
भीषण ज्वाला से झुलसा उपवन मेरा ,
उर प्रदेश की तप्त तृषित इस धरिणी पर ,
उमड़-घुमड़ रह-रह बरसो कब होता है !

दूर क्षितिज तक सिर्फ अँधेरा छाया है ,
मन परअवसादों का गहरा साया है ,
मेरे जीवन के सूने नीलांगन में
इन्द्रधनुष बन कर दमको कब होता है !



साधना वैद