Followers

Wednesday, August 30, 2017

बंद हो जाने चाहिए सारे धार्मिक डेरे, आश्रम और सत्संग स्थल



तथाकथित धर्म गुरुओं और बाबाओं के चेहरों से इन दिनों जिस तरह से नकाब उठ रहे हैं और उनकी पोल खुल रही है मन में घोर जुगुप्सा सी होने लगी है ! ये हैं हमारे समाज के आध्यात्मिक उद्धारक जो यह दावा करते हैं कि वे जनता को धर्म और नीति के रास्ते पर चलने के लिए उनका मार्गदर्शन करते हैं और ईश्वर के निकट जाने के लिए उनके पथ को सुगम बनाते हैं ! घृणा होती है ऐसे बाबाओं से ! एक प्रभावी क़ानून बना कर ऐसे सारे पाखंडी और ढोंगी बाबाओं के आश्रम और डेरों को जब्त कर लेना चाहिए जहां सत्संग और प्रवचन के नाम पर इस तरह के घिनौने कृत्य किये जाते हैं ! जनता को भी जागरूक होना चाहिए और समझना चाहिए कि वे अपनी सारी आस्था, जमा पूँजी और मेहनत कहाँ व्यर्थ कर रहे हैं और कैसे असामाजिक तत्वों को पाल पोस कर सशक्त बना रहे हैं जो उनकी अपनी बहन बेटियों पर ही बुरी नज़र रखते हैं !

अपने भक्तों के बल पर ये तथाकथित ‘वैरागी’ और ‘सन्यासी’ बाबा महाराजाओं की तरह सारे सांसारिक सुखों का भोग करते हैं और भक्तों को लूट कर भिखारी बना देते हैं ! संभव है इनमें कुछ सच्चे महात्मा भी हों जो वास्तव में समाज के हित में काम कर रहे हों ! लेकिन उनकी आड़ में जो इन पाखंडियों की बन आई है वह समाज के हित में बहुत हानिकारक है ! इसमें संदेह नहीं कि इस तरह का कोई क़ानून बनाने पर सच्चे धर्म गुरुओं के आश्रमों पर भी ताला लग जाएगा लेकिन यदि वे सच में समाज का हित चाहते हैं तो वे इस पहल का समर्थन ज़रूर करेंगे ! मेरे विचार से इन सभी प्रवचन, सत्संग और कथा कीर्तनों पर अविलम्ब बैन लगा दिया जाना चाहिए जहाँ पर भोली भाली जनता को फ़िज़ूल की बातें सिखा कर गुमराह किया जाता है और उनका आर्थिक, मानसिक व दैहिक शोषण किया जाता है ! आपका क्या ख़याल है ?

साधना वैद